बिजली से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज तो कर दी, पर अब पता नहीं चल रहा कि उसका क्या हुआ? यह एक बहुत आम परेशानी है। इस गाइड में हम बताएंगे कि Complaint Reference Number से Status कैसे चेक करें, कितने दिन में जवाब मिलना चाहिए, और अगर UPPCL जवाब न दे तो आगे कहां शिकायत करें।
Complaint Status चेक करने के 3 तरीके
1. Consumer Number से Website पर
consumer.uppcl.org पर जाकर अपना Consumer Number डालें — वहां आपकी सभी दर्ज शिकायतों की लिस्ट और उनका current status दिखेगा।
2. Complaint Reference Number से
शिकायत दर्ज करते समय जो Reference Number मिला था, वो portal या 1912 पर देकर सीधे उसी शिकायत की स्थिति जान सकते हैं।
3. WhatsApp Chatbot से
अगर आपने WhatsApp के जरिए शिकायत दर्ज की थी, तो उसी नंबर पर वापस मैसेज कर के status पूछा जा सकता है — chatbot खुद अपडेट भेज देता है।
Resolution Timeline – कितना समय लगना चाहिए
| शिकायत का प्रकार | सामान्य समय |
|---|---|
| बिजली सप्लाई / पावर कट | 24 – 48 घंटे |
| Meter जंप / गलत रीडिंग | 7 – 15 दिन |
| Billing करेक्शन | 15 – 30 दिन |
| नया Connection से जुड़ी समस्या | 15 – 30 दिन |
अगर तय समय के बाद भी कोई जवाब नहीं आया, तो आपको escalate करने का पूरा अधिकार है — नीचे पढ़ें कैसे।
Step-by-Step: शिकायत हल न होने पर क्या करें
समस्या यह है कि ज्यादातर उपभोक्ता 1912 पर एक बार कॉल करने के बाद हार मान लेते हैं। असल में तीन स्तर होते हैं जहां आप शिकायत आगे बढ़ा सकते हैं:
पहला स्तर – सामान्य शिकायत: 1912, वेबसाइट, ऐप, या WhatsApp से दर्ज करें। यह आपकी पहली कोशिश होनी चाहिए और ज्यादातर मामले यहीं सुलझ जाते हैं।
दूसरा स्तर – CGRF (Consumer Grievance Redressal Forum): अगर 30 दिन बाद भी समाधान नहीं मिला, तो cgrf.uppcl.org पर जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज करें। CGRF, UPPCL के भीतर काम करने वाला एक अलग forum है जो सीधे आपकी शिकायत सुनता है — इसे इस्तेमाल करने में झिझकने की जरूरत नहीं, यह आपका उपभोक्ता अधिकार है।
तीसरा स्तर – Ombudsman (UPERC): अगर CGRF के फैसले से भी संतुष्ट नहीं हैं, तो अगला और आखिरी कदम है Ombudsman के पास अपील करना। यह Uttar Pradesh Electricity Regulatory Commission (UPERC) के अंतर्गत एक पूरी तरह स्वतंत्र प्राधिकरण है, यानी इसका फैसला UPPCL से बाहर की एक authority लेती है।
शिकायत दर्ज करते समय ये गलतियां न करें
- Reference Number को screenshot लेकर सुरक्षित न रखना — बाद में status ट्रैक करना मुश्किल हो जाता है
- गलत Category चुनना (जैसे Billing की जगह Power Outage चुन लेना) — इससे complaint गलत टीम के पास चली जाती है और समय बढ़ जाता है
- Consumer Number की जगह Mobile Number से status चेक करने की कोशिश करना जबकि रजिस्ट्रेशन किसी और नंबर पर हो
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q: क्या बिना Reference Number के Complaint Status चेक हो सकता है?
हां, अगर आपने अपना Consumer Number registered mobile से लिंक किया हुआ है, तो consumer.uppcl.org पर Consumer Number डालकर सभी दर्ज शिकायतें और उनका status एक साथ देखा जा सकता है।
Q: CGRF में शिकायत करने की कोई फीस लगती है?
नहीं, CGRF में शिकायत दर्ज करना पूरी तरह निःशुल्क है। यह उपभोक्ता के अधिकार की सुरक्षा के लिए बनाया गया forum है।
Q: 1912 पर कॉल किस भाषा में की जा सकती है?
1912 हेल्पलाइन हिंदी और अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है, और यह उत्तर प्रदेश में कहीं से भी, किसी भी नेटवर्क से डायल की जा सकती है।
Q: Complaint बंद हो गई पर समस्या अब भी वैसी ही है, क्या करें?
अगर UPPCL ने आपकी शिकायत बिना असल समाधान के “Resolved” मार्क कर दी है, तो आप उसी Reference Number के साथ दोबारा शिकायत खोलने का अनुरोध कर सकते हैं, या सीधे CGRF का रुख कर सकते हैं।
यह एक स्वतंत्र सूचना पोर्टल है, uppcl.online किसी भी सरकारी विभाग या UPPCL से संबद्ध नहीं है। आधिकारिक और अद्यतन जानकारी के लिए consumer.uppcl.org और cgrf.uppcl.org देखें।
