Late Payment Surcharge Calculator – UPPCL

लेट पेमेंट सरचार्ज कैलकुलेटर (UPPCL)

⚠ यह अनुमानित गणना है। वास्तविक लेट फीस UPPCL के नियमों और बिल श्रेणी पर निर्भर कर सकती है।

सिक्योरिटी डिपॉजिट कैलकुलेटर (Security Deposit Calculator) उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं (Consumers) के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण टूल है। जब भी आप उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के तहत नया बिजली कनेक्शन लेते हैं या अपने मौजूदा कनेक्शन का लोड (Load) बढ़वाते हैं, तो विभाग आपसे एक निश्चित राशि अग्रिम जमा (Advance Deposit) के रूप में लेता है। इसे ही Security Deposit या ‘जमानत राशि’ कहा जाता है।

1. सिक्योरिटी डिपॉजिट क्या है और यह क्यों ली जाती है?

बिजली विभाग उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि इसलिए जमा करवाता है ताकि यदि भविष्य में कोई उपभोक्ता अपने बिजली बिल का भुगतान करने में असमर्थ रहता है, तो विभाग इस राशि से अपने नुकसान की भरपाई कर सके।

  • यह राशि आपके द्वारा लिए गए Sanctioned Load (kW) और कनेक्शन की श्रेणी (Domestic, Commercial या Industrial) के आधार पर तय की जाती है।
  • यह राशि विभाग के पास जमा रहती है और कनेक्शन स्थाई रूप से कटवाने पर आपको वापस (Refund) मिल जाती है।

2. लोड और श्रेणी के अनुसार सिक्योरिटी रेट्स (UPPCL Rules)

UPPCL के टैरिफ नियमों के अनुसार, सिक्योरिटी डिपॉजिट की दरें अलग-अलग होती हैं:

  • घरेलू कनेक्शन (LMV-1): सामान्यतः ₹300 से ₹600 प्रति किलोवाट।
  • वाणिज्यिक/दुकान कनेक्शन (LMV-2): दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए यह दर ₹1000 प्रति किलोवाट या उससे अधिक हो सकती है।
  • गणना का सूत्र (Formula): कुल सिक्योरिटी राशि = स्वीकृत लोड (kW) × प्रति किलोवाट दर

3. एडिशनल सिक्योरिटी डिपॉजिट (ASD) क्या होता है?

अक्सर पुराने बिजली उपभोक्ताओं के बिल में Additional Security Deposit (ASD) का कॉलम जुड़कर आता है।

  • यह तब माँगा जाता है जब आपकी साल भर की औसत बिजली खपत (Average Consumption) आपके द्वारा जमा की गई मूल सिक्योरिटी से अधिक हो जाती है।
  • विभाग नियम 4.10 के तहत हर साल सिक्योरिटी का पुनर्मूल्यांकन (Review) करता है और अंतर की राशि बिल में जोड़कर भेजता है।

4. क्या जमा सिक्योरिटी पर ब्याज (Interest) मिलता है?

हाँ, बिजली विभाग उपभोक्ताओं द्वारा जमा की गई सिक्योरिटी राशि पर प्रतिवर्ष ब्याज (Interest) देता है।

  • यह ब्याज दर आमतौर पर बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) के बैंक रेट के बराबर होती है।
  • यह ब्याज आपके बिल में ‘Interest on Security’ के रूप में हर साल अप्रैल या मई के महीने में एडजेस्ट किया जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या सिक्योरिटी डिपॉजिट हर महीने देना पड़ता है?

नहीं, सिक्योरिटी डिपॉजिट केवल कनेक्शन लेते समय एक बार देना होता है। एडिशनल सिक्योरिटी (ASD) तभी देनी होती है जब आपकी खपत बढ़ जाए।

Q2. मुझे कैसे पता चलेगा कि विभाग के पास मेरी कितनी सिक्योरिटी जमा है?

आप अपने सबसे नए बिजली बिल के पीछे देख सकते हैं। वहां ‘Accumulated Security’ या ‘Security Amount’ के कॉलम में आपकी कुल जमा राशि लिखी होती है।

Q3. कनेक्शन कटवाने पर सिक्योरिटी रिफंड कैसे मिलता है?

कनेक्शन स्थाई रूप से कटवाने (Permanent Disconnection) के बाद, आपको विभाग में आवेदन करना होता है। विभाग आपके अंतिम बिल की बकाया राशि काटकर शेष सिक्योरिटी आपके बैंक खाते में वापस कर देता है।

Q4. क्या लोड बढ़वाने (Load Enhancement) पर फिर से सिक्योरिटी देनी होगी?

हाँ, जब आप अपना स्वीकृत लोड बढ़वाते हैं, तो बढ़े हुए लोड (kW) के हिसाब से आपको अतिरिक्त सिक्योरिटी जमा करनी पड़ती है।

Q5. क्या बिना सिक्योरिटी जमा किए नया बिजली कनेक्शन मिल सकता है?

नहीं, UPPCL के नियमों के अनुसार बिना सिक्योरिटी राशि जमा किए कोई भी नया बिजली कनेक्शन जारी नहीं किया जा सकता है।