हम सब हर महीने बिजली का बिल तो भर देते हैं, लेकिन एक दिन अचानक मन में एक सवाल आया –
“आखिर बिजली का बिल बनता कैसे है? मीटर रीडर जो नंबर लिखकर चला जाता है, वो किस आधार पर होता है?”
हर महीने मीटर रीडर आता है, मीटर देखता है, मोबाइल में कुछ डालता है और चला जाता है।
एक दिन मैंने तय किया कि इस बार सीधे पूछूँगा। हर महीने की तरह उस दिन भी मीटर रीडर भैया आए, गेट खोला, उन्होंने मीटर देखा, मशीन में कुछ डाला और जाने लगे।
इस बार मैंने सोचा, नहीं, आज तो पूछकर ही रहूँगा। मैंने मुस्कुराकर पूछा:
बिजली का बिल कैसे बनता है?
बिजली का बिल मीटर पर दिखाई देने वाली kWh (यूनिट) रीडिंग से बनता है। नई मीटर रीडिंग में से पिछली रीडिंग घटाने पर जितनी यूनिट निकलती है,
उसी के आधार पर प्रति यूनिट दर + फिक्स चार्ज + टैक्स जोड़कर बिजली का बिल तैयार किया जाता है।
ऐसे समझे:
एक महीने का बिजली का बिल = आपकी उपयोग कि गई इलेक्ट्रिसिटी + अलग-अलग जोड़े गए चार्जेस
बिजली का बिल क्यों आता है?
बिजली सप्लाइ कंपनियां आपके घर या दुकान मे लगे बिजली के मीटर के द्वारा ली गई रीडिंग के अनुसार हर महीने का बिल तय करती है। हर महीने आपके मीटर की रीडिंग ली जाती है, फिर पिछले महीने और करंट रीडिंग का डिफरेंस निकाल लिया जाता है। इसी डिफरेंस के आधार पर आपका बिल बनता है।
इलेक्ट्रिसिटी यूनिट क्या होता है?
आइए हम इसे आसान भाषा मे समझते है कि एक यूनिट क्या होता है।
1 unit = 1 kilowatt-hour (kWh)
मानलीजिए 100 वाट का एक बल्ब आपने 10 घंटे जलाया तो आपकी एक यूनिट बिजली खर्च हुई।
उदाहरण के लिए:
- पंखा (75W) × 10 घंटे = 0.75 यूनिट
- फ्रिज (200W) × 24 घंटे ≈ 4.8 यूनिट
इसी तरह सभी उपकरण के द्वारा मिलकर खर्च कि बिजली के यूनिट तैयार होते है और आपके बिल बनता है।
अपने घर का लोड चेक करने के लिए हमारे लोड कैलक्यूलेटर टूल का उपयोग कर सकते हैं।
बिजली के बिल मे कौन कौन से charges होते है?
बहुत से लोग कन्फ्यूज़ होते है बिजली हमने थोड़ी चलाई और बिल ज्यादा बन जाता है। तो आपको बता दें कि बिल सिर्फ यूनिट की रीडिंग और रेट नहीं होता बल्कि इसमे कुछ सरकार और बिजली प्रदाता कंपनी के द्वारा लगे कुछ एक्स्ट्रा चार्जेस भी जुड़े होते है।
साधारण शुल्क:
- एनर्जी चार्जेस: खर्च हुई यूनिट पर लगा शुल्क
- फिक्स्ट चार्जेस: कनेक्शन के लिए Monthly फिक्स्ड चार्जेस
- इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी/टैक्स: राज्य सरकार के नियम के अनुसार
- अतिरिक्त चार्जेस: मीटर का किराया, सर्चार्ज(अगर है तो)
फिक्स्ड चार्ज और एनर्जी चार्ज मे अंतर:
1. फिक्स्ड चार्जेस:
आप बिजली उपयोग करे या न करे ये चार्जेस तो लगते ही है।
2. एनर्जी चार्जेस:
जितनी यूनिट खर्च होता उतना पैसा लगेगा
इसलिए आपको कभी कभी बिल कम या ज्यादा लग सकता है।
बिजली का बिल कैसे बनता है
स्टेप 1: पिछले महीने कि मीटर रीडिंग नोट कि जाती है
स्टेप 2: करंट मीटर की रीडिंग ली जाती है
स्टेप 3: दोनों रीडिंग का डिफरेंस निकाल लिया जाता है
स्टेप 4: यूनिटxप्रति यूनिट रेट = एनर्जी खर्च
स्टेप 5: फिक्स्ड चार्ज + ड्यूटी + टैक्स जोड़े जाते है
स्टेप 6: फाइनल अमाउन्ट तैयार किया जाता है
आइए एक उदाहरण कि सहायता से समझते है:
| Detail | Value |
| पिछले महीने कि रीडिंग | 1250 |
| ईस महीने कि रीडिंग | 1400 |
| कितने यूनिट उसे हुए | 150 |
| एनर्जी चार्ज | ₹900 |
| फिक्स्ड चार्ज | ₹150 |
| ड्यूटी/टैक्स | ₹75 |
| टोटल बिल | ₹1125 |
इलेक्ट्रिसिटी मीटर पर दिखाई दे रही मीटर आखिर क्या होती है
आपको मीटर पर लिखी हुई रीडिंग दिख रही होती है, यह आपके टोटल यूनिट्स है जो आजतक खर्च हुए, यह आपका बिल नहीं है। सिर्फ करंट रीडिंग को बिल समझ लेने से ही कन्फ़्युशन हो जाती है।
इसलिए आपको बिल मे गलती लगती है। इसलिए आपको समझना होगा कैसे बिल कैसे बना। मुझे उम्मीद है आपको अब समझ मे आ गया होगा।
बिजली बिल एस्टीमेट कैसे करें
अगर आपको अपने महीने के बिजली के बिल अंदाजा लगाना है तो ये कुछ बातें ध्यान देनी होंगी।
- आपके घर मे उपयोग होने वाले उपकरण कितनी बिजली की खपत करते है। यह आपके उपकरण के साइड मे कही या यूजर मैनुअल मे लिखी होगी
- प्रतिदिन कितनी देर उपयोग होते है’।
- आपके एरिया मे प्रति यूनिट क्या रेट है।
इस सब को जोड़ के आप लगभग बिल को निकाल सकते है।
और आसानी के लिए हमारे बिजली बिल कैलक्यूलेटर टूल का उपयोग कर सकते हैं
बिजली बिल से जुड़े आम सवाल और उनके जवाब FAQs
Q1. बिजली का बिल हर महीने ही क्यों आता है।
हर महीने बिल साइकिल के बाद और मीटर के रीडिंग के अनुसार ही यह आता है।
Q2. बिजली का उपयोग न करने पर भी कुछ न कुछ बिल क्यों आता है?
सरकार और बिजली प्रदाता कंपनियों के द्वारा लगे कुछ फिक्स्ड चारगेस के कारण यह आता है।
Q3. 1 unit बिजली का मतलब क्या है?
1 घंटे मे 1000 वाट का उपयोग ही 1 यूनिट होता है। .
Q4. बिजली बिल मे टैक्स क्यों लगता है?
सरकार द्वारा लगे गए एलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी के रूप मे।
Q5. अगर बिजली का बिल गलत लगे तो क्या करें?
रीडिंग और चार्जेस को एक बार वेरफाइ करें उसके बाद आगे कि शिकायत परोककेसस को फॉलो करे
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